दुख और अपवाद के कारण और हल
आज के इस दौर में अधिकांश लोग निराश और दुखी जीवन व्यतीत करने में मजबूर है। निराशा और हताशा उनके जीवन का एक हिस्सा बनकर रह गई है। कुछ लोगो को छोड़कर जिसे भी आप देखेंगे वह एक घुट घुट कर जिंदगी जी रहे होंगे। और बहुत से व्यक्ति धीरे-धीरे अपने पतन की ओर अग्रसर हो रहे है। उन्हें ये भी पता नहीं आगे क्या करना है। इसका एक मुख्य कारण समय भी है क्योंकि आज लोग अपनी निजी जिंदगी को भूल गए हैं और देखा देखी में लगे हुए हैं। जिसकी वजह से वे उन लोगो के बराबर आने की होड़ में लगे हुए है जो उनसे कोसों दूर है। चकाचौंध से भरी ये दुनिया हमारे आजकल की इस चकाचौंध में मनुष्य अपना बहुमूल्य जीवन गवा रहे हैं। उन्हें यह भी नहीं पता की जो भी चीजें वह कर रहे हैं उनसे उनको केवल क्षणिक लाभ ही मिल सकता है परंतु फिर भी वह उसे किए जा रहे है और अपने भविष्य को अंधकार में धकेल रहे है। हमारे दुख और अवसाद आजकल के लोग दुःख और अवसाद से गिर चुके है जिसके कारण उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों में रुचि या खुशी नहीं रहती है। यही आगे जाकर बढ़ जाती है और बीमारी का रूप ले लेती है। कभी कभी ये बीमारी लंबे समय त...